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अर्जुन्दा जिला बालोद छत्तीसगढ़ में दहेज मुक्त विवाह की नई मिसाल

अर्जुन्दा जिला बालोद छत्तीसगढ़ में दहेज मुक्त विवाह की नई मिसाल

रिपोर्ट प्रशान्त पटेल


संत रामपाल जी के शिष्यों ने दिखाया समाज को सादगी का रास्ता

अर्जुन्दा बालोद छत्तीसगढ़ : आधुनिक समय में जहां महंगी शादियों और दहेज के भारी लेन-देन का चलन बढ़ गया है, वहीं संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने इस सामाजिक कुरीति को खत्म करने के लिए एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया। 18 अगस्त 2024 को दुर्ग के देवांगन भवन अर्जुन्दा में एक साधारण और सादगीपूर्ण विवाह का आयोजन किया गया, जिसमें न तो डीजे था, न घोड़ा, न बैंड-बाजा, न बाराती, और न ही किसी प्रकार का आडंबर।
जिसमें (1) भक्त भुपेंद्र दास पिता हेमलाल साहु संग भक्तमति यामिनी दासी पिता विजय दास
(2) भक्त विवेक दास पिता कोमल दास संग भक्तमति काजल दासी पिता खिलेश्वर दास का विवाह संपन्न हुआ। यह विवाह गुरुवाणी द्वारा मात्र 17 मिनट में संपन्न हुआ और इसमें दहेज का कोई लेन-देन नहीं हुआ। वर और वधू पक्ष के सभी परिवारजन अति उत्साहित थे और अपने गुरुदेव के बताए मार्ग पर चलते हुए समाज में एक मिसाल कायम की। नव दंपति को उनके नए जीवन की शुरुआत पर संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पवित्र पुस्तक ‘जीने की राह’ भेंट मुख्य अतिथि गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद द्वारा की गई। इस विवाह ने समाज को दिखाया कि सच्चे प्रेम और समर्पण के साथ भी एक विवाह को सादगी और बिना किसी सामाजिक कुरीति के संपन्न किया जा सकता है।
इस अनोखे विवाह ने समाज में एक नई मिसाल कायम की, जहां सादगी, आध्यात्मिकता और दहेज प्रथा का विरोध प्रमुख रूप से दिखा। इस समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में विधायक कुंवर सिंह निशाद उपस्थित रहे। साथ ही, प्रवीण नोनहरे (मानव अधिकार एवं प्राचार्य, माध्यमिक शाला रौना), टी. आर. साहू (लाइब्रेरियन, गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कोटगांव), और भगवानी राम साहू (कृषक, कंवर कला) भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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